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फिर चाँदनी रातें वो आएंगी
फिर से मिलेंगे हम सनम
फिर रोशनी खिड़की से आएगी
फिर हम पे होगा कुछ करमफिर वादों से होके
इन ख्वाबों को बो के
ये रिश्ता निभाएंगे हमफिर बरसेगा सावन
महकेगा वो आंगन
के आयेगा मोहब्बत का मौसम

सुबह को जागा के
तू खुद को सजा के
मेरा ही दीदार करना

मेरा इंतज़ार करना
मेरा इंतज़ार करना
ज़रा एतबार करना
मेरा इंतज़ार करना

ओ…

फिर ज़िन्दगी खुलके लहराएगी
संग चलेंगे हर कदम
फिर आशिकी आलम महकाएगी
होंगे जुदा ना है कसम

हो अपना बसेरा
जो मेरा वो तेरा
बाँटेंगे हो खुशिया या गम
एक बेटी खुदा दे
बस तेरी तरह दे
हम उसको सहलायेंगे हर दम

सुबह को जागा के
तू खुद को सजा के
मेरा ही दीदार करना

मेरा इंतज़ार करना
मेरा इंतज़ार करना
ज़रा एतबार करना
मेरा इंतज़ार करना

आ..

मेरा इंतज़ार करना
मेरा इंतज़ार करना
ज़रा एतबार करना
मेरा इंतज़ार करना

Added by

Ayushi

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