वो लम्हे, वो बातें
कोई ना जाने
थी कैसी रातें
होऊ, बरसातें

वो भीगी भीगी यादें
वो भीगी भीगी यादें

ना मैं जानौं
ना तू जाने
कैसा है ये मौसम
कोई ना जाने

कही से है फिजा आई
घमों की धुप संग लायी
खफा होगये हम
जुदा होगये हम

वो लम्हे, वो बातें
कोई ना जाने
थी कैसी रातें
होऊ, बरसातें

वो भीगी भीगी यादें
वो भीगी भीगी यादें

सागर की
गहराई से
गहरा है
अपना प्यार

सह्रावुन की
इन हवाओं में
कैसे आयेई-गी बहार

कहाँ से ये हवा आई
घटाएं काली क्योँ छाई
खफा होगये हम
जुदा होगये हम

वो लम्हे, वो बातें
कोई न जाने
थी कैसी रातें
होऊ, बरसातें

वो भीगी भीगी यादें
वो भीगी भीगी यादें…

Added by

Ayushi

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