तू जो रूठा तो कौन हँसेगा
तू जो छूटा तो कौन रहेगा
तू चुप है तो ये डर लगता है
अपना मुझको अब कौन कहेगा
तू ही वजह, तेरे बिना
बेवजह, बेकार हूँ मैं
तेरा यार हूँ मैं, तेरा यार हूँ मैं

आजा लड़ें फिर खिलौनों के लिए
तू जीते मैं हार जाऊँ
आजा करें फिर वही शरारतें
तू भागे मैं मार खाऊँ
मीठी सी वो गाली तेरी
सुनने को तैयार हूँ मैं
तेरा यार हूँ मैं

सजना दे रंग रंगाईयाँ वे
शगना दिया शहनाईयाँ वे
ढोल वजणगे यार नचणगे
लख-लख देओ वधाईयाँ वे

खुशियाँ च नचदा मैं फिरा
हँजुआँ तों बचदा मैं फिरा

ओ जाते नहीं कहीं रिश्ते पुराने
किसी नए के आ जाने से
जाता हूँ मैं तो मुझे तू जाने दे
क्यों परेशां है मेरे जाने से
टूटा है तो जुड़ा है क्यों
मेरी तरफ तू मुड़ा है क्यों
हक़ नहीं तू ये कहे
कि यार अब हम ना रहे
एक तेरी यारी का ही
सातों जनम हक़दार हूँ मैं
तेरा यार हूँ मैं...

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