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किथे शानू थल्ले एह लाउन्गे
एह तां कल्ली गल्लां ही बनाउंगे
गद्दी पिछे भोंकड़ी कतेड़ जिवें
शेरन नू वे हाथ किडन पौंगे..

किथे शानू थल्ले एह लाउन्गे
एह तां कल्ली गल्लां ही बनाउंगे
गद्दी पिछे भोंकड़ी कतेड़ जिवें
शेरन नू वे हाथ किडन पौंगे..

बैन ये शेर
पर असली मुझे क्या डर है
ये करें अब पैसे की बात
जैसे ये बने कुबेर
कमीनी ये खैर
ये जिंदगी कभी ना फेयर
नेट पे काफ़ी देरी
फिर आगे क्यों पड़े ये जोड़ी,
सियाहि की जगह हम ख़रिदेन जहर
लेया मुझे गर्मी जैसी
ग्रीष्म ऋतु में सारांश दोपहर..

कर ले तैयारी ये जंग है
छोटी बातों पे यहाँ होते हैं डांगे
कृष्ण यहाँ मस्त मलंग
तू गली के खम्बे पे कटी पतंग है
साथ तेरे सारे लफंगे
लौंडे यहाँ सारे दबंग है
मुझे अब देगा तू b.T तो तेरी चाहत
मिलेगी मेरे ही साथ पलंग पे (हां)..

धांग के गाने बनालो और ज्ञान भर डालो
इन साले गंवारों को समझ नी आते,
जितना भी आख़िर कमालो और हासिल कर डालो
ये पाब्लो पिकासो बास शकल बनाटे
गानो में मतलब हटादो और सिंपल बनादो
ये मेरी इन बातों को पकड़ ना पाते
अंडरग्राउंड रैप की तरह ये बातें
पर अंडरग्राउंड रैपर्स सिर्फ काबर में मिलते हैं..

किथे शानू थल्ले एह लाउन्गे
एह तां कल्ली गल्लां ही बनाउंगे
गद्दी पिछे भोंकड़ी कतेड़ जिवें
शेरन नू वे हाथ किडन पौंगे..

किथे शानू थल्ले एह लाउन्गे
एह तां कल्ली गल्लां ही बनाउंगे
गद्दी पिछे भोंकड़ी कतेड़ जिवें
शेरन नू वे हाथ किडन पौंगे..

करदे ने जेहदे बैक बाइट बलिया
कस कस करदें तंग बलेया
तकदे ने थल्लों सर उत्ते करके
ओह अक्कड़ नी छोटी रहेगी हाइट बलेया..

शेरां ना गद्दारी सदा महंगी ही पेहँदी
जिन्नी सिग्गी इज्जत वी बची नी रहंदी
जेहदे ऑनलाइन न डालैर बन्न दे
साली मिलके दलेरी ओहदी सॉरी हाय केहँदी..

ए शेरां नू हाथ नी लाइदा
किसी दा हक नी खैदा
रब्ब टन डर के रहने आन
ताइओं नी घरों चकाई दा
चुप रहेगा तो
इसमें तेरा है फ़ायदा
वर्ना तू बेटे मर जाएगा
देख के रूप हरजाई का
हरजस गुस्से वाला कभी
काबू नहीं आता
मैं हूं चाचा चौधरी
कोई साबू नहीं आता
शुकर कर साले
तुझे मारा नहीं चाँता
तेरी माँ की आँखों में
मैं आंसू नहीं चाहता..

मेरे जैसा केरिन रैप
सारे जैसे गली गली
मैने बच्चे दिये
काम सारे मैंने सच्चे किये
कांद नहीं कभी कच्छे किये
शायद तेरी किस्मत है या
करम तूने थोड़े अच्छे किये
जा तुझे माफ़ किया
तेरे बच्चे जीये..

किथे शानू थल्ले एह लाउन्गे
एह तां कल्ली गल्लां ही बनाउंगे
गद्दी पिछे भोंकड़ी कतेड़ जिवें
शेरन नू वे हाथ किडन पौंगे..

किथे शानू थल्ले एह लाउन्गे
एह तां कल्ली गल्लां ही बनाउंगे
गद्दी पिछे भोंकड़ी कतेड़ जिवें
शेरन नू वे हाथ किडन पौंगे..

शुक्रिया शेयर करें
सबने गाने शेर के
सुनके गांव संके फेल
सारे सनकी शहर के
शेर हूं शिकारी हूं
मैं शेरो का लिखा हूं
जंगल देहरादून की ज़मीन पर
छपे पंजे मेरे पर के.

शेर गीत की जानकारी

शेर फिल्म नो डेज़ ऑफ (ईपी) का एक गीत है। इस गीत को दीप कलसी, केआर$एनए, हरजस, कर्मा ने गाया है। गीत के बोल दीप कलसी, केआर$एनए, हरजस, कर्मा ने लिखे हैं और संगीत दीप कलसी ने दिया है। गीत का निर्देशन निर्देशक जीआरआईएम ने किया है और निर्माण दीप कलसी ने कलमकार लेबल के अंतर्गत किया है। इस गीत में दीप कलसी, केआर$एनए, हरजस, कर्मा और नजर आते हैं।

शेर गीत पर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  • "शेर" गीत किसने गाया है?
    "शेर" गीत दीप कलसी, केआर$एनए, हरजस, कर्मा ने गाया है।
  • "शेर" गीत किस फिल्म से है?
    "शेर" गीत नो डेज़ ऑफ (ईपी) फिल्म से है।
  • "शेर" गीत के बोल किसने लिखे हैं?
    "शेर" गीत के बोल दीप कलसी, केआर$एनए, हरजस, कर्मा ने लिखे हैं।
  • "शेर" गीत का संगीत किसने दिया है?
    "शेर" गीत का संगीत दीप कलसी ने दिया है।
  • "शेर" गीत में कौन अभिनेता और अभिनेत्री हैं?
    "शेर" गीत में दीप कलसी, केआर$एनए, हरजस, कर्मा और नजर आते हैं।

Added by

Ayushi

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