तू जो नज़रों के सामने कल होगा नहीं
तुझको देखे बिन मैं मर ना जाऊँ कहीं
तुझको भूल जाऊँ कैसे
माने ना मनाऊँ कैसे, तू बता
रोके ना रुके नैना
तेरी ओर है इन्हें तो रहना
रोके ना रुके नैना

काटता हूँ लाखों लम्हें कटते नहीं हैं
साये तेरी यादों के हटते नहीं हैं
सूख गए हैं आँसू तेरी जुदाई के
पलकों से फिर भी बादल छटते नहीं हैं
खुद को मैं हँसाऊँ कैसे
माने ना मनाऊँ कैसे, तू बता
रोके ना रुके नैना...

हाथों की लकीरें दो मिलती जहाँ है
जिसको पता है बता दे जगह वो कहाँ है
इश्क में जाने कैसी ये बेबसी है
धड़कनों से मिलकर भी दिल तन्हाँ है
दूरी मैं मिटाऊँ कैसे
माने ना मनाऊँ कैसे, तू बता
रोके ना रुके नैना.

Added by

Ayushi

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