Now playing

मैं रहूँ या ना रहूँ
तुम मुझ में कहीं बाकी रहना
मुझे नींद आए जो आखिरी
तुम ख्वाबों में आते रहना
बस इतना है तुमसे कहना
बस इतना है तुमसे कहना
बस इतना है तुमसे कहना
बस इतना है तुमसे कहना
मैं रहूँ या ना रहूँ
तुम मुझमे कहीं बाकी रहना
किसी रोज़ बारिश जो आए
समझ लेना बूँदों में मैं हूँ
सुबह धूप तुमको सताए
समझ लेना किरणों में मैं हूँ
किसी रोज़ बारिश जो आए
समझ लेना बूँदों में मैं हूँ
सुबह धूप तुमको सताए
समझ लेना किरणों में मैं हूँ
कुछ कहूँ या ना कहूँ
तुम मुझको सदा सुनते रहना
बस इतना है तुमसे कहना
बस इतना है तुमसे कहना
बस इतना है तुमसे कहना
बस इतना है तुमसे कहना
हवाओं में लिपटा हुआ मैं
गुज़र जाऊँगा तुमको छू के
अगर मन हो तो रोक लेना
ठहर जाऊँगा इन लबों पे
हवाओं में लिपटा हुआ मैं
गुज़र जाऊँगा तुमको छू के
अगर मन हो तो रोक लेना
ठहर जाऊँगा इन लबों पे
मैं दिखूँ या ना दिखूँ
तुम मुझको महसूस करना
बस इतना है तुमसे कहना
बस इतना है तुमसे कहना
बस इतना है तुमसे कहना
बस इतना है तुमसे कहना
मैं रहूँ या ना रहूँ
तुम मुझमें कहीं बाकी रहना

Added by

Ayushi

SHARE

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ADVERTISEMENT

VIDEO

Now playing