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खुल कभी तो खुल कभी कहीं
मैं आसमान तू मेरी ज़मीन
बूँद बूँद बरसूं मैं
पानी पानी खेलूं
खेलूं और बह जाऊँ
गीले गीले होठों को मैं
बारिशों से चूमूँ
चूमूँ और कह जाऊं
तू ज़मीं है तू मेरी ज़मीन
खुल कभी तोह खुल कभी कहीं
मैं आसमान तू मेरी ज़मीनमममम
लब तेरे यूँ खुले
जैसे हर्फ़ थे
होंठ पर यूँ
घुले जैसे बर्फ थे
आना ज़रा ज़रा
मैं हौले हौले
सांस सांस
सेंक दूं तुझेलब तेरे यूँ खुले
जैसे हर्फ़ थे
होंठ पर यूँ
घुले जैसे बर्फ थे
तू ही तू है मैं कहीं नहीं

हम्म खुल कभी तो
खुल कभी कहीं
हम्म मैं आसमान
तू मेरी ज़मीन

झुक के जब झुमका
मैं चूम रहा था
देर तक गुलमोहर
झूम रहा था
जल के मैं सोचता था
गुलमोहर की आग ही
में फ़ेंक दूं तुझे

झुक के जब झुमका
मैं चूम रहा था
देर तक गुलमोहर
झूम रहा था
तू मेरी कसम
तू मेरा यक़ीन

खुल कभी तोह
खुल कभी कहीं
मैं आसमान
तू मेरी ज़मीन
बूँद बूँद बरसूं मैं
पानी पानी केह्लूं
खेलूं और बह जाऊँ
ममम गीले गीले
होंठों को मैं
बारिशों से चूमूँ
चूमूँ और कह जाऊं.

Added by

Ayushi

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