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कसम तुम्हें कहीं नहीं जाओ
धीरे धीरे चलो करीब आओ
कसम तुम्हें कहीं नहीं जाओ
हम्म धीरे धीरे चलो करीब आओ
ये दूरियां कुछ कम करो
धड़कन मेरी सुनते रहो
कसम तुम्हें कहीं नहीं जाओ
हम्म धीरे धीरे चलो करीब आओतेरी दोनों बाहों में उलझा रहूँ
तेरी दोनों आँखों में खोया रहूँ
मुझे तेरी महक ने पागल किया
तुम ही कहो भला मैं अब क्या करूँ..

सही गलत मुझे न समझाओ
ओ कसम तुम्हें कहीं नहीं जाओ..

बारिशों की बातों में आना नहीं
मेरे सिवा कहीं तुम जाना नहीं
सारी उम्र मेरे संग भीगना
मुझे तेरे बिना अब रहना नहीं..

हो सके तो यहीं पे रह जाओ
हम्म.. कसम तुम्हें कहीं नहीं जाओ..

ये दूरियां कुछ कम करो
धड़कन मेरी सुनते रहो
कसम तुम्हें कहीं नहीं जाओ
हम्म धीरे धीरे चलो करीब आओ..

Added by

Ayushi

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