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कभी कभी अदिति ज़िन्दगी में युही कोई अपना लगता है
कभी कभी अदिति वो बिछड़ जाए तो एक सपना लगता है
ऐसे में कोई कैसे अपने आँसुओं को बहने से रोके?
और कैसे कोई सोच ले एवरीथिंग’स गोंना बे ोक?कभी कभी तो लगे ज़िन्दगी में रही ना ख़ुशी और ना मज़ा
कभी कभी तो लगे हर दिन मुश्किल और हर पल एक सज़ा
ऐसे में कोई कैसे मुस्कुराये
और कैसे कोई सोच ले एवरीथिंग गोंना बे ोक?सोच ज़रा जाने जा तुझको हम कितना चाहते है
रट है हम भी अगर तेरी आँखों में आँसू आते है
गाना तो आता नहीं है मगर फिर भी हम गाते है
की अदिति मान कभी
लेकिन रात के बाद ही तो सवेरा होता है..कभी कभी अदिति ज़िन्दगी में युही कोई अपना लगता है
कभी कभी अदिति वो बिछड़ जाए तो एक सपना लगता है
हे ादिति हस्स दे
नहीं तो बस थोडा थोडा थोडा थोडा थोडा थोडा मुस्कुरा..तू खुश है तो लगे कि जहाँ में छाई है ख़ुशी
सूरज निकले बादलों से
सुन तो ज़रा मदहोश हवा तुझसे कहने लगी
की अदिति वो जो बिछड़ते है एक ना एक दिन फिर मिल जाते
अदितिकभी कभी अदिति ज़िन्दगी में युही कोई अपना लगता है
कभी कभी अदिति वो बिछड़ जाए तो एक सपना लगता है
हे ादिति हस्स दे
नहीं तो बस थोडा थोडा थोडा थोडा थोडा थोडा मुस्कुरा..हे ादिति हस्स दे
नहीं तो बस थोडा थोडा थोडा थोडा थोडा थोडा मुस्कुरा..
हे ादिति हस्स दे
नहीं तो बस थोडा थोडा थोडा थोडा थोडा थोडा मुस्कुरा..

हे ादिति हस्स दे
नहीं तो बस थोडा थोडा थोडा थोडा थोडा थोडा मुस्कुरा..
हे ादिति हस्स दे
नहीं तो बस थोडा थोडा थोडा थोडा थोडा थोडा मुस्कुरा..

Added by

Ayushi

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