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>हूँ हूँ.. हूँ हूँ..(दहलीज़ पे मेरे दिल की
जो रखे हैं तूने क़दम
तेरे नाम पे मेरी ज़िन्दगी
लिख दी मेरे हमदम
हाँ सीखा मैंने जीना जीना कैसे जीना
हाँ सीखा मैंने जीना मेरे हमदम
ना सीखा कभी जीना जीना कैसे जीना
ना सीखा जीना तेरे बिना हमदम)x २
हूँ हूँ.. हूँ हूँ..सच्ची सी हैं ये तारीफें
दिल से जो मैंने करीं हैं)x २
जो तू मिला तो सजी हैं दुनिया मेरी हमदम
हो आसमां मिला ज़मीन को मेरी
आधे-आधे पूरे हैं गम
तेरे नाम पे मेरी ज़िन्दगी
लिख दी मेरे हमदम
हाँ सीखा मैंने जीना जीना कैसे जीना
हाँ सीखा मैंने जीना मेरे हमदम
ना सीखा कभी जीना जीना कैसे जीना
ना सीखा जीना तेरे बिना हमदम
हूँ हूँ.. हूँ हूँ..

Added by

Ayushi

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