कैसा इश्क़ ये कैसा जुनून है माही
बेकरारी में तू ही करार
दूर रेह के भी तू मुझ में है रब्बा
जाने ये कैसा प्यार

हम है दीवाने तेरे दीवाने
हम है दीवाने तेरे दीवाने
हम है दीवाने तेरे दीवाने
हम है दीवाने तेरे दीवाने

तुझ से है हसी तुझसे है उदासी
कस्मकश है रब्बा
रूठी हूँ फिर भी राज़ी
तू ही है मौला तू ही है काज़ी
तू ही है मौला तू ही है काज़ी
क्या करूँ मैं बयान
तेरे इश्क़ पे जान क़ुरबान

हम है दीवाने तेरे दीवाने
हम है दीवाने तेरे दीवाने
हम है दीवाने तेरे दीवाने
हम है दीवाने तेरे दीवाने

तेरा इश्क़ ही मेरा जुनून है माही
बेकरारी केन्दे करार
बुझ के न बुझे ये प्यास ओ रब्बा
जाने ये कैसा है प्यार

हम है दीवाने तेरे दीवाने
हम है दीवाने तेरे दीवाने
हम है दीवाने तेरे दीवाने
हम है दीवाने तेरे दीवाने

कितनी बार हम मिल के बिछड़े
तू ही जाने रब्बा
दुनिया से हम बेगाने

तू है सिर्फ मेरी फिर भी ना जाने
तू है सिर्फ मेरी फिर भी ना जाने
मुझ को तू ये बता
दूरियाँ है क्यूँ दरमियान

हम है दीवाने तेरे दीवाने
हम है दीवाने तेरे दीवाने
हम है दीवाने तेरे दीवाने
हम है दीवाने तेरे दीवाने
दूरियाँ है क्यूँ दरमियान

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