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हाल-ए-दिल मेरा पूछो ना, सनम हाल-ए-दिल मेरा पूछो ना, सनम आपके इश्क़ की मदहोशी में डूबा है ये आलम हाल-ए-दिल मेरा पूछो ना, सनम हाल-ए-दिल मेरा पूछो ना, सनम जब शाम आए, तुम याद आए तूफ़ान लाए यादों में तुम बेबाक सी है हर एक तमन्ना गुस्ताख़ियों में अब दिल है गुम ख़ाबों के क़ाफ़िले बातों के सिलसिले साथ मेरे चलें रात-दिन, हर घड़ी सरग़ोशी में खोया है ये आलम हाल-ए-दिल मेरा पूछो ना, सनम हाल-ए-दिल मेरा पूछो ना, सनम जाने कहाँ से तुम पास आए हुए पराए मुझ से सभी जीने लगी हैं हर साँस मेरी अब दूर जाना ना तुम कभी थम गया है समाँ, पल भी है खुशनुमा मैं अकेली यहाँ आपके प्यास की खामोशी से भीगा है ये आलम हो, हाल-ए-दिल मेरा पूछो ना, सनम हाल-ए-दिल मेरा पूछो ना, सनम

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Ayushi

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