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यो!
देहरादून का मेरा ख़ून!
कर्म!

बोले नसीब से बड़ी नहीं चीज़
पर एक अजीब सा चढ़ा था शौक मुझे
चला मैं हरा पे, कारा हार
अब बोलते बकरी मुझे

नसीब से बड़ी नहीं चीज़
पर एक अजीब सा चढ़ा था शौक मुझे
अब जब भी मिलेंगे
आँखों में दिखता खौफ मुझे

देखो नसीब से, कैसे जीते
कैसे आए हम यहां पे बिना धोखा के
हमको ताने भी मारे बोला गाना बेकार है
देखो सारे के सारे आला घसीटे

प्रति माह 3000 की नौकरी से
मैं 20,000 की नौकरी पाऊंगा
अब शौक मेरे देख के काफ़ी
आतिश कुमार भी चौकते

जोश एक ही बगैरते बहुत है
अब वो बीच बाज़ार में रुके
साले अजीब गंवार से लोग हैं
हम अब भी शीश झुकाके बोलते हैं

शो पे कुछ 30,000 से लॉग द
पहले सीधे साधे लगते हैं
अब 25 इलैके खोजते
तभी हम फीस बढ़ाते हैं

तुझे बस दिखता है बैग जो पीछे
तांगा मैने लाख का
तुझे पता भी है साले
मैं एटीएम का गार्ड था

आज भी मैं गार्ड हूं परिवार का और कला का
कलम बैसाखी बनेगी जब होने लगूंगा मैं 60 का
आज भी याद है मुझे कि मैं क्या हूँ और क्या था
आज भी कभी किसी से चैट नहीं करते
चल दर

बोले नसीब से बड़ी नहीं चीज़
पर एक अजीब सा चढ़ा था शौक मुझे
चला मैं हरा पे, कारा हार
अब बोलते बकरी मुझे

नसीब से बड़ी नहीं चीज़
पर एक अजीब सा चढ़ा था शौक मुझे
अब जब भी मिलेंगे
आँखों में दिखता खौफ मुझे

फैन्स का प्यार ही बहुत है
उसपे सवार ब्रेक नहीं मारा
कहानियों में खेलता लौंडा
सामने एक नहीं आरा

इनके गाने नहीं चल रहे
जब तक कलेश नहीं आरा
इतना पॉजिटिव हो गया गेम
मुझे स्वाद नहीं आया

कर्म पे पैसा ही बहुत है
कर्म तो वैसे ही बकरी है
हुई अभी जय कैसे शांत राहु
शांत रहूंगा तो बस सीधे मौत है

कुछ बंदो की नियत में खोट है
कुछ बंदे वसीयत की चोट है
वो बनते हैं बाप के पैसे पे चौड़े
हम उनके बाप से टॉप हैं

मेरे शहर में तेरे जैसा बहुत है
तेरे शहर में मेरे जैसा कोई नहीं
बाकी काम रहे, हमसे खा रहे
तेरे शहर में जगा रहे
जिसको अपना ना पता हो ऐसा कोई नहीं

बोले नसीब से बड़ी नहीं चीज़
पर एक अजीब सा चढ़ा था शौक मुझे
चला मैं हरा पे, कारा हार
अब बोलते बकरी मुझे

नसीब से बड़ी नहीं चीज़
पर एक अजीब सा चढ़ा था शौक मुझे
अब जब भी मिलेंगे
आँखों में दिखता खौफ मुझे

दुनिया पैसे के पीछे, मेरे पीछे पैसा
दुनिया पैसे के पीछे, मेरे पीछे पैसा
दुनिया पैसे के पीछे, मेरे पीछे पैसा
दुनिया पैसे के पीछे, मेरे पीछे पैसा

दीप कलसी के संगीत पे!

भाग्य गीत की जानकारी

भाग्य फिल्म भाग्य का एक गीत है। इस गीत को कर्म ने गाया है। गीत के बोल कर्म ने लिखे हैं और संगीत दीप कलसी ने दिया है। गीत का निर्देशन सिद्धार्थ उनियाल, राघव गिरोटी ने किया है और निर्माण कलमकार टीम/कलमकार प्रोडक्शन ने कलमकार लेबल के अंतर्गत किया है। इस गीत में कर्म और नजर आते हैं।

भाग्य गीत पर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  • "भाग्य" गीत किसने गाया है?
    "भाग्य" गीत कर्म ने गाया है।
  • "भाग्य" गीत किस फिल्म से है?
    "भाग्य" गीत भाग्य फिल्म से है।
  • "भाग्य" गीत के बोल किसने लिखे हैं?
    "भाग्य" गीत के बोल कर्म ने लिखे हैं।
  • "भाग्य" गीत का संगीत किसने दिया है?
    "भाग्य" गीत का संगीत दीप कलसी ने दिया है।
  • "भाग्य" गीत में कौन अभिनेता और अभिनेत्री हैं?
    "भाग्य" गीत में कर्म और नजर आते हैं।

Added by

Ayushi

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