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तू फिर से पास आ मैं ज़िद नहीं करुंगा
तू फिर से दूर जा मैं कुछ नहीं कहूँगा
जो तेरे जाने से मैं बैठा हूँ महखाने में
मैं खा चुका हूं धोखा पीने से नहीं मारूंगा

जो तुझसे सीखा हूं, तुझ ही पे तो लिखूंगा
जो तुझको चाहूँगा,तुझ ही पे तो मिटूँगा
जो हस्के आउंगा मैं फिर से तेरे सामने
हु नापसंद बता दियो मैं फिर नहीं दिखूंगा

मैंने देखा तुझमें सादगी नहीं
मैंने देखा तूने कोशिश बहुत कारी
केहे जो तुझको अपने हाथों से सजा दूं
है कमी तू पहने बहुत
फिर भी लगता क्यू सही नहीं

आज भी ऐसे देखे मैंने दायरे नहीं
के तुझसे बाँट लूँ में खुदको
कहदुं आ रहे नहीं, है तुझसे मिलने

बेवफा हाय द जो हस्के कह दिया
के हम भी धोखा खा रहे नहीं

जो फिर से देखा मेरी रुक चली कलम थी
दिल धड़कता, आंखें भीगी, बातें तंग थीं
जो तुझको सोचा मेरा पूरा एक जन्म था
जब तुझको देखा किसी या की सनम थी

दिल तो दुखता है पर जीना पढ़ता ही है
सूरज से चाँद भी अकेला लड़ता है
मैं कितना भूलूं किस्सा तेरा आदी है
जो करदें फ़सला तो प्यार बढ़ता ही है

गाने तो चल रहे पर बात तेरी मेरी है
चिराग बुझ गये पर रात तेरी मेरी है
हुआ वो एक ना जो साथ जन्म का वादा था
तो इस सदी में जाना क्या औकात तेरी मेरी है?

माना मैं सब ही कुछ जीता कुछ भी हारा ना
पर जिसको हारा उसको देखा फिर दोबारा ना
जो धस गया हुन जाके रात में मैं आँखों तक
तू है समुन्दर मुझपे ​​बूँद का सहारा ना

ना मुझसे पुछ मेरे हाल क्या सितारों का
ना दम तू खा ये आके नोटो की दीवारों का
है पैसा क्या तू छोटी बातें ना किया कर,
मैं बस प्यार से ग़रीब, मुझको मोल न हज़ारों का

जो मुझसे पूछ ले तू रास्ता बहारों का,
तो हँसे केहदु तू नज़र मेरी आँखों का
मैं जिसको कोसने चला हूं उसका नाम याद है
फिर भी लिख न पाना दोष काम है गंवारों का

जो तुझको देखा आसमा में चाँद था नहीं
कहीं पे छुप गया के कहता नहीं
इसे हसीं मैंने देखा कहीं कुछ के
लोग यों ही लिखते रहते हैं मुझपे ​​ऐ खुदा में चाँद नहीं

ये तेरे रेशमी जो बाल जाल सजी है
मरा नहीं पर जीते जी तू मेरी फंसी है
दबा नहीं गला क्यों साँसें मेरी घुट रही
मैं क्या हाय दुन सज़ा जा तेरी हर सज़ा हाय माफ़ी है

मुझे खबर नहीं तू किस जुबान में राजी है
दिखे असर नहीं तू किस दुआ में बाकी है
अगर कभी मैं तेरे सामने से गुजरूं,
मुझको मिल तू हां नहीं पर तेरी एक नज़र ही काफ़ी है

एकतारफ़ा मैं नाम भी बना लूँगा
एकता में नाम भी छुपा लूंगा
एक अरसा जो बीती तेरी यादों में,
मैं होके मशहूर तुझपे जिंदगी लुटा दूंगा

एकतारफ़ा गीत की जानकारी

एकतारफ़ा फिल्म ख्वाबीदा का एक गीत है। इस गीत को किंग ने गाया है। गीत के बोल किंग ने लिखे हैं और संगीत आकाश ने दिया है। गीत का निर्देशन अखिलेश वत्स ने किया है और निर्माण किंग ने वार्नर म्यूजिक इंडिया लेबल के अंतर्गत किया है। इस गीत में किंग और आकांक्षा शर्मा नजर आते हैं।

एकतारफ़ा गीत पर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  • "एकतारफ़ा" गीत किसने गाया है?
    "एकतारफ़ा" गीत किंग ने गाया है।
  • "एकतारफ़ा" गीत किस फिल्म से है?
    "एकतारफ़ा" गीत ख्वाबीदा फिल्म से है।
  • "एकतारफ़ा" गीत के बोल किसने लिखे हैं?
    "एकतारफ़ा" गीत के बोल किंग ने लिखे हैं।
  • "एकतारफ़ा" गीत का संगीत किसने दिया है?
    "एकतारफ़ा" गीत का संगीत आकाश ने दिया है।
  • "एकतारफ़ा" गीत में कौन अभिनेता और अभिनेत्री हैं?
    "एकतारफ़ा" गीत में किंग और आकांक्षा शर्मा नजर आते हैं।

Added by

Ayushi

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