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हो
चाँद चाहूँ,
ना चकोरा
ना फलक का...
टुकड़ा टुकड़ा टुकड़ा
नूर चाहूँ,
ना मैं हुरी
ना परी सा...
मुखड़ा मुखड़ा मुखड़ा
संग संग चल दे
संग संग चख ले
मीठा मीठा हर सुख हर दुःखदा
उसे ख्वाबों से जगाऊँ
यूसे बाहोन मी सुलाउं
सर-आंखों पे बिठौं
उसे हाथों से खिलाऊं, ता-उम्र
दिल ने दस्तरख़ाँ बिछाया
हान,
दिल ने दस्तरख़ाँ बिछाया
दावत-ए-इश्क है
दिल ने दस्तरख़ाँ बिछाया
दावत-ए-इश्क है
है कुबूल तो आजा जाना
दावत-ए-इश्क है
है कुबूल तो आजा जाना
दावत-ए-इश्क है, इश्क है
दिल ने दस्तरख़ाँ बिछाया
हाँ
दिल ने दस्तरखान बिछायासासा-सासा निनी-निनी
धधा-धधा पापा-पापा
मामा-मामा गागा-गागा
रेरे-रेरे सासा-सासा
सासा-सासा निनि-निनि
धधा-धधा पापा-पापा
मामा-मामा गागा-गागा
रेरे-रेरे सासा-सासा
नि-सा-सा-सा..
पा-सासा-सा-सा..
नि-सा-सा-सा

बादलों को, चुन के, बन के
का-लीन बनाया है, तेरे लिए
तारों को तोड़ कर के
तश्तरी में सजाया है, तेरे लिए
चांद तारों को, क्यों सताया,
तिलमिलाया है मेरे लिए
जाऊं जिधर भी, खिल खिल उधर ही,
धूप निकलती है मेरे लिए
हाय, बातें तेरी
चाश्नी~ सी मीठी मीठी
आये हाये..
बातें ही या दावत भी मीठी मीठी
तू आये तो, फेकी सी, महफ़िल में,
मेरी हैं लज्जातें लौट आये
ऐ हसरत बे-लज्जत, जो है तेरी दावत,
तो बोलो भला कौन आये
अरे कह दे तू जो,
सारे देघोन,
को आग दूं,
दिल की मैं,
दम भी मैं,
दे दू अपना
दिल ने दस्तरख़ाँ बिछाया,
हां हां हां…
दिल ने दस्तरखान बिछया
दावत-ए-इश्क है
दिल ने दस्तरख़ाँ बिछाया
दावत-ए-इश्क है
है कुबूल तो आजा जाना
दावत-ए-इश्क है
है कुबूल तो आजा जाना
दावत~-ए-इश्क~ है
दावत-ए-इश्क है
दावत-ए-इश्क है
दावत-ए-इश्क है जी
दावत-ए-इश्क है

हां शरबत में घुली मोहब्बत
दावत-ए-इश्क है,
(अहा)
तौबा तौबा बुरी मिलावत
दावत-ए-इश्क है
अरे किस्मत से मिलती है शिरकत
दावत-ए-इश्क है
अजी बे-फ़िज़ूल की किस-को फुर्सत
दावत-ए-इश्क है,
(अहा)
तुनक नहीं ज़रा चख तो ले,
(अहा)
धड़क नहीं तू ज़रा,
दम तो ले
जुड़ जाने दे, तार से तार को
ज़रा सोच समझ, इक बार तो
ना सोच के,
ना होश से,
तुझे मेहमान बनाया
हां हमने बुलाया दिल से
हा-हां~
है कुबूल ये हमने माना
है कुबूल ये हमने माना
दावत-ए-इश्क है
जी हुजूर हमें मंजूर ये
दावत-ए-इश्क है
जी हुजूर हमें मंजूर ये
दावत-ए-इश्क है, इश्क है

अहा अहा..
अहा अहा.

हो
चाँद चाहूँ,
ना चकोरा
ना फलक का...
टुकड़ा टुकड़ा टुकड़ा
नूर चाहूँ,
ना मैं हुरी
ना परी सा...
मुखड़ा मुखड़ा मुखड़ा
संग संग चल दे
संग संग चख ले
मीठा मीठा हर सुख हर दुःखदा
उसे ख्वाबों से जगाऊँ
यूसे बाहोन मी सुलाउं
सर-आंखों पे बिठौं
उसे हाथों से खिलाऊं, ता-उम्र
दिल ने दस्तरख़ाँ बिछाया
हान,
दिल ने दस्तरख़ाँ बिछाया
दावत-ए-इश्क है
दिल ने दस्तरख़ाँ बिछाया
दावत-ए-इश्क है
है कुबूल तो आजा जाना
दावत-ए-इश्क है
है कुबूल तो आजा जाना
दावत-ए-इश्क है, इश्क है
दिल ने दा

दावत-ए-इश्क (शीर्षक गीत) गीत की जानकारी

दावत-ए-इश्क (शीर्षक गीत) फिल्म दावत-ए-इश्क का एक गीत है। इस गीत को जावेद अली, सुनिधि चौहान ने गाया है। गीत के बोल कौसर मुनीर ने लिखे हैं और संगीत साजिद-वाजिद ने दिया है। गीत का निर्देशन हबीब फैसल ने किया है और निर्माण आदित्य चोपड़ा ने YRF म्यूजिक लेबल के अंतर्गत किया है। इस गीत में आदित्य रॉय कपूर और परिणीति चोपड़ा नजर आते हैं।

दावत-ए-इश्क (शीर्षक गीत) गीत पर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  • "दावत-ए-इश्क (शीर्षक गीत)" गीत किसने गाया है?
    "दावत-ए-इश्क (शीर्षक गीत)" गीत जावेद अली, सुनिधि चौहान ने गाया है।
  • "दावत-ए-इश्क (शीर्षक गीत)" गीत किस फिल्म से है?
    "दावत-ए-इश्क (शीर्षक गीत)" गीत दावत-ए-इश्क फिल्म से है।
  • "दावत-ए-इश्क (शीर्षक गीत)" गीत के बोल किसने लिखे हैं?
    "दावत-ए-इश्क (शीर्षक गीत)" गीत के बोल कौसर मुनीर ने लिखे हैं।
  • "दावत-ए-इश्क (शीर्षक गीत)" गीत का संगीत किसने दिया है?
    "दावत-ए-इश्क (शीर्षक गीत)" गीत का संगीत साजिद-वाजिद ने दिया है।
  • "दावत-ए-इश्क (शीर्षक गीत)" गीत में कौन अभिनेता और अभिनेत्री हैं?
    "दावत-ए-इश्क (शीर्षक गीत)" गीत में आदित्य रॉय कपूर और परिणीति चोपड़ा नजर आते हैं।

Added by

Ayushi

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