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अब क्या नज़ारों में रखा है
तेरा चेहरा काफ़ी है
अब क्या नज़ारों में रखा है
तेरा चेहरा काफ़ी हैतुझसे ही खुश रहता है दिल
तुझसे ही नाराज़ भी है

यूँ भीगी भीगी सी बरसात भी है
हमदम तेरा साथ भी है
यूँ भीगी भीगी सी बरसात भी है
हमदम तेरा साथ भी है

अब यह मुहब्बत कम ना होगी
मरते दम तक ख़तम ना होगी
सिर्फ़ लबों पे बात नहीं मेरे
दिल में ये जज़्बात भी है
यूँ भीगी भीगी सी बरसात भी है
हमदम तेरा साथ भी है
यूँ भीगी भीगी सी बरसात भी है
हमदम तेरा साथ भी है

दिल का रिश्ता तोड़ जो दोगे
मार जाएँगे छोड़ जो दोगे
तेरे संग जी सकता हूँ तो
उतनी ही साँसे मेरे पास भी है

यूँ भीगी भीगी सी बरसात भी है
हमदम तेरा साथ भी है
यूँ भीगी भीगी सी बरसात भी है
हमदम तेरा साथ भी है.

Added by

Ayushi

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