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बहती हवा सा था वो LYRICS IN HINDI

बहती हवा सा था वो उड़ती पतंग सा था वो कहाँ गया उसे ढूँढो बहती हवा सा था वो उड़ती पतंग सा था वो कहाँ गया उसे ढूँढो हम को तो राहें थी चलाती वो खुद अपनी राह बनता गिरता संभालता मस्ती में चलता था वो हमको कल की फिकर सताती वो बस आज का जश्न मनाता हर लम्हें को खुल के जीता था वो कहाँ से आया था वो छू के हमारे दिल को कहाँ गया उसे ढूँढो सुलगती धुप में छाओं के जैसा रेगिस्तान में गाँव के जैसा मन के घाव पे मरहम जैसा था वो हम सहमें से रहते कूएं में वो नदिया में गोते लगता उलटी धरा चीर के तैरता था वो बादल आवारा था वो यार हमारा था वो कहाँ गया उसे ढूँढो

Added by

Ayushi

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