सुनो न कहे क्या सुनो न
दिल मेरा सुनो न सुनो ज़रा
तेरी बाहों में मुझे
रहना है रात भर
तेरी बाहों में होगी सुबहबे इन्तेहाँ
बे इन्तेहाँ हम्म्म
यूँ प्यार कर यूँ
प्यार कर बे इन्तेहाँ
देखा करूँ सारी उम्र
तेरे निशाँ बेइन्तेहाँ
कोई कसर ना रहे
मेरी खबर ना रहे
छू ले मुझे
इस कदर बेइन्तेहाँजब साँसों में तेरी
साँसें घुलि तोह
फिर सुलगने लगे
एहसास मेरे
मुझसे कहने लगे
हां बाहों में तेरी
आके जहां दो
यूँ सिमटने लगे
सैलाब जैसे कोई बहने लगे
खोया हूँ मैं आगोश में
तू भी कहाँ अब होश में
मखमली रात की हो ना सुबह
बे इन्तेहाँ बेइन्तेहाँ
यूँ प्यार कर बेइन्तेहा
हम्म्मगुस्ताखियां कुछ तुम करो
कुछ हम करे इस तरह
शर्र्मा के दो साये हैं जो
मुंह फेर लें हम से यहां

हाँ छु तोह लिया
है ये जिस्म तूने
रूह भी चूम ले
अलफ़ाज़ भीगे भीगे
क्यूँ है मेरे
हाँ यूँ चूर हो
के मजबूर हो के
क़तरा क़तरा कहे
एहसास भीगे भीगे
क्यूँ हैं मेरे
दो बेख़बर भीगे बदन
हो बेसबर भीगे बदन
ले रहे रात भर अंगड़ाइयाँ

बे इन्तहा बे इन्तहा
यूँ प्यार कर बे इन्तहा
देखा करून सारी उम्र
तेरे निशान बेइन्तेहाँ
कोई कसर न रहे
मेरी खबर न रहे
छू ले मुझे इस
कदर बेइन्तेहाँ.

Added by

Ayushi

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